विद्यार्थियों के लिए सुविधाएँ

अनुशाशनाधिकारी

महाविद्यालय में अनुशासन स्तापित करने का दायित्व प्राचार्य का है वे वह अधिकार मुख्य अनुशाशनाधिकारी तथा अन्य उपयुक्त को सौंप सकते है और उन्हें यथेष्ट अधिकार से संपन्न कर सकते है विद्यालय में एक अनुशासनाधिकारी कार्यालय (Procter Office) है जो मुख्य अनुशासनाधिकारी के निर्देशन में संचालित होता है

उपस्थिति में अनियमितता, कर्त्तव्य की उपेक्षा, असिस्ट आचार अथवा अन्य किसी प्रकार के अनुशासन भांग की दशा में विद्यार्थी को कक्षा से सभी ( नए एवं पुराने ) छात्रों से अपेक्षित है की वे विद्यालय में अनुशासन बनाये रखने में अधिकारीयों को सहयोग दें तथा विद्यालय की मान मर्यादा बनाने में स्वयं हाथ बटाये |

परिचय पत्र

सभी नवीन प्रविष्ट विद्यार्थियों को अपना प्रवेश पत्र अनुशाशनाधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत कर अपना परिचय पत्र (Identity Card) प्रवेश के एक माह के अंदर ले लेना होगा | विद्यार्थियों को चाहिए की वे इस परिचय पत्र को महाविद्यालय परिसर में सदैव अपने साथ रखे परिचय पत्र का समय समय पर निरिक्षण किया जाता है तथा नियमोलंघी को दण्डित किया जाता है |/p>

चरित्र प्रमाण पत्र

अनुशाशनाधिकारी कार्यालय से चरित्र प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए निर्धारित शुल्क ५०.०० रु मात्र (नियमित विद्यार्थियों के लिए) तथा १००.०० रु (पुरातन छात्रों के लिए) के साथ आवेदन पत्र पूर्णतया भरकर कार्यालय में जमा करना होगा |

साइकिल स्टैंड

जो विद्यार्थी महाविद्यालय में साइकिल , स्कूटर , मोटर साइकिल से आएंगे उन्हें विद्यालय कार्यालय में 60/120 रु वार्षिक देय कर अनुशाशनाधिकारी कार्यालय में अपना नाम पंजीकृत करना होगा ऐसा न करने पर निर्धारित तिथि के बाद १ रु प्रतिदिन के हिसाब से अर्थदंड देना पड़ेगा | देय राशियों में आवश्यकतानुसार परिवर्तन संभव है कोई भी विद्यार्थी अपनी साइकिल , स्कूटर , मोटर साइकिल निश्चित स्टैंड को छोड़कर अन्यत्र नहीं रखेगा यह शर्त केवल महाविद्यालय कार्यकाल की अवधि में हे लागू होगी | विद्यार्थोयों को निर्देश दिया जाता है की वे अपनी साइकिल या स्कूटर को स्टैंड पर ही रखे, विद्यालय के प्रवेश द्वार के सामने साइकिल या स्कूटर न रखे |

छात्र कल्याण अधिष्ठा

इस महाविद्यालय में एक छात्र कल्याण विभाग है जो छात्र कल्याण अधिष्ठा के निर्देशन में संचालित होता है प्रायः देखा जाता है की विद्यार्थियों की कुछ ऐसे आर्थिक, वैयक्तिक, पारिवारिक, सामाजिक एवं अध्ययन सम्बन्धी कठिनाइयां होती है, जिनके समाधान के लिए वे उचित परामर्श चाहते है ऐसे विद्यार्थी छात्राकल्याण अधिष्ठा से निर्धारित दिन, समय और स्थान पर मिलकर उचित परामर्श ले सकते है |

विषय परिवर्तन

प्रवेश के समय छात्रों को विषय आवंटित किये जायँगे छात्रों को चाहिए की यदि वे विषय स्वीकार्य हों तभी प्रवेश ले विश्वविद्यालय की नीति एवं निर्देशन के अंतर्गत बाद में किसी भी दशा में विषय परिवर्तन नहीं किया जायगा |

छात्र सहायता कोष

निर्धन विद्यार्थियों को सहायतार्थ विद्यार्थी सहायता कोष की व्यवस्था की गई है, जिसमे सभी विद्यार्थियों का दान आंशिक रूप से सम्मिलित है |

छात्रवृत्तियां

(अ) निर्धन योग्य तथा मेधावी विद्यार्थोयों को सहायता देने के लिए उदार व्यवस्था विद्यालय में की गई है |

(ब) अनुसूचित जाति-जनजाति तथा पिछड़ी जाति के विद्यार्थियों के लिए राजकीय छात्रवृत्ति नियमानुसार महाविद्यालय द्वारा कराये जाती है |

(स) पिछली कक्षाओं में अनुत्तीर्ण विद्यार्थी को कोई भी छात्रवृत्ति नहीं मिल सकती है |

(द) छात्र छात्रवृत्ति फॉर्म में खाता संख्या एवं बैंक का नाम स्पष्ट रूप से सही भरें तथा आय प्रमाण पत्र एवं जाति प्रमाण पत्र की मूल प्रति अवश्य संलग्न करे |

प्रमाण पत्र सत्यापन

विद्यार्थियों को अपने प्रमाण पत्रों की प्रतिलिपियों को सत्यापित कराने के लिए सत्यापन अधिकारी से संपर्क करना चाहिए सत्यापन अधिकारी द्वारा सत्यापित प्रमाण पत्र केवल महाविद्यालय में ही मान्य है बहार भेजने वाले प्रमाण पत्रों का सत्यापन अन्यत्र कराना चाहिए |

पुस्तकालय और वाचनालय

विभिन्न विषयों से सम्बंधित पाठ्य पुस्तकें, निर्देश व सदर्भ पुस्तकें एवं पत्रिकाएं बड़ी संख्या में पुस्तकालय में संगृहीत है| पुस्तकालय में सामान्य अनुभाग के अतिरिक्त एक विशिस्ट अनुभाग भी है जिसमे बहुत बड़ी संख्यां में पाठ्यक्रम से सम्बंधित पुस्तकों के अतिरिक्त सामान्य ग्रन्थ भी है | यह अनुभाग केवल छात्र छात्राओं के लिए है पुस्तकालय से लगा हुआ एक वाचनालय भी है जहाँ पत्र पत्रिकाओं के पढ़ने के सुविधा है | किसी भी समस्या के लिए पुस्तकालयाध्यक्ष से संपर्क स्थापित करे यदि समुचित समाधान न हो सके तो परिस्थिति विशेष में निदेशक पुस्तकालय से संपर्क करें |

बौद्धिक एवं सांस्कृतिक क्रियाकलाप

विद्यार्थियों के बौद्धिक एवं सांस्कृतिक उन्नति के लिए महाविद्यालय में बौद्धिक एवं सांस्कृतिक क्रियाकलापों की दो समितियां है जिनके अंतर्गत समय समय पर वाद-विवाद, अभिभाषण संगोष्ठियां, निबंध प्रतियोगिताएं, नाटक एवं अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये जाते है एक समिति केंद्रीय है जिसके द्वारा महाविद्यालय स्टार पर क्रिया कलाप होते है दूसरी समिति प्रत्येक विषय विभाग में अलग अलग है |

विद्यालय पत्रिका

महाविद्यालय एक वार्षिक पत्रिका प्रकाशित करता है जिसमे विद्यार्थियों एवं शिक्षकों द्वारा लिखित साहित्यिक, वैज्ञानिक, सांस्कृतिक, एवं सामान्य रूचि की रचनाएँ होती है |

गाँधी अध्ययन मंडल

इस मंडल के माध्यम से विद्यार्थियों में गाँधी दर्शनke अध्ययन मनन की रूचि जगाई जाती है गोष्ठियों सम्भाषणे तथा सेमिनारों के माध्यम से विद्यार्थियों के जीवन में सत्य, अहिंसा, शांति, परोपकार, और त्याग की भावना का प्रसार करना इस मंडल का मूल उद्देश्य है |

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